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Wednesday, June 9, 2010

पहेलियाँ



आज से तीन- चार दशक पहले की बात करने जा रही हूँ , तब टी. वी. ने हमारी शाम को अपने आलिंग्न में नहीं लिया था । शाम होते ही बच्चे, दादी/ नानी से खाना खाते समय ही रात को सुनाई जाने वाली कहानी का वादा ले लेते । कभी - कभी तो एक ही कहानी दो-दो रात चलती रहती । कभी पहेलियाँ बुझाई जातीं ।


वो पहेलियाँ ....जब आज भी मैं याद करती हूँ....ऐसा लगता है ....हम बच्चे दादी के पास बैठे..... मैं बताऊँ...मैं बताऊँ... का शोर मचा रहे हों .... और दादी कहती हो....' अरे भई....जरा दम तो लो .....पहले पहेली कहने तो दो'

 आज  मैं अपनी यादों की पिटारी खोल..... कुछ पहेलियाँ ले कर आई हूँ     
आज बारी आप की है....'शब्दों का उजाला' के पाठकों की..... पहेलियों की शाम ....आप के नाम.....
( पाठकों की जानकारी के लिए बता रही हूँ .....यह पहेलियाँ मैने कोई आप की परीक्षा लेने के लिए नहीं लिखी.....यह तो अपने-आप को अपने बीते हुए कल से जोड़ने का प्रयास है.....आप ने भारत या किसी और देश में रहते यह अनुभव किया है या नहीं कि हम अपने-आप से दूर होते जा रहे हैं....अपने अतीत को भूलते जा रहे हैं...मगर मुझे यह लग रहा है....उसी कल से जुड़े रहने के प्रयास में यह पहेलियाँ ले कर आई हूँ...... )
जैसे-जैसे हम अपने कल को खोजते चले जाएँगे....पहेलियों के उत्तर मिलते जाएँगे....हम हर पहेली के साथ उत्तर लिखते जाएँगे..... 

1.   तीन अ‌क्षर का दे हूँ
     जानते लोग लाख करोड़
     पीठ काटो बन जाऊँ
     पाँच उँगली का जोड़  (पंजाब)
                         उत्तर दिया....बेचैन आत्मा ने)

2. वो चीज़ जो गीता में नहीं   ( झूठ)

                                                   उत्तर दिया ....हरदीप संधु ने)

3.  वो गई , ये आई  (नज़र) 
  उत्तर दिया..... हरदीप संधु  ने   
      दीनदयाल शर्मा ने बहुत ही अच्छा  उत्तर दिया ....
            बेटी गई,बहु आई' ...हो सकता है.

4.   आई थी, मगर देखी नहीं (मौत/ नींद)

                सही उत्तर दिया    दीनदयाल शर्मा और हरदीप संधु  ने      
                                खुशबू , याद हो सकती है

                                 उत्तर दिया.....  सीमा सचदेव      और  दीनदयाल शर्मा ने
(दीनदयाल शर्मा की ग्यारह वर्षीया बेटी मानसी ने बताया कि हवा ...हो सकती है)

5.   धूप में पैदा हुआ
      छाया मिली , मुरझा गया (पसीना)
              उत्तर दिया.....  दीनदयाल शर्मा ने


                   
6.   तीतर के दो आगे तीतर
     तीतर के दो पीछे तीतर
    बोलो कितने तीतर   (तीन)
                     उत्तर दिया ....मनोज भारती ने )     

 7.  वो चीज़ कौन सी
    जिसका है आकार
    मगर नहीं है भार  (अक्षर)
सही उत्तर दिया   ..... हरदीप संधु  ने     छाया  हो सकती है पर यहाँ कुछ और है    )
                            उत्तर दिया ....मनोज भारती ने )

8.  एक कटोरी में
   दो रंग का पानी   (अंडा)
            सही उत्तर दिया ...... हरदीप संधु  ने       आँख नहीं कुछ और सोचें
                                 उत्तर दिया ....सानू शुकल ने )

9. जिसने खरीदा 
   उस ने नहीं किया प्रयोग
   जिस ने किया प्रयोग
   उस देखा नहीं      (कफ़न)
                 उत्तर दिया .....  दीनदयाल शर्मा ने

10. मैं गोल-गोल
    मैं पीला-पीला
   दूसरे की थाली में
  मैं लगता बड़ा     (लड्डू)
               उत्तर दिया ....मनोज भारती ने )         

11. एक चीज़ है ऐसी
    देखे चोर....
   मगर चुरा न सके  (विद्या - ज्ञान) 
                                             उत्तर दिया..... राकेश कौशिक ).
12. हम माँ बेटी
    तुम माँ बेटी
   चलो बाग में चलें
  तीन आम तोड़ कर
   पूरा-पूरा खाएँ  (नानी, माँ और बेटी)
                उत्तर दिया ....मनोज भारती ने )
13 .सफेद धरती काले छोले
    हाथों बोएँ, मुँह से बोलें          
                             (कॉपी पर लिखे गये....' अक्षर')
उत्तर दिया ...   दीनदयाल शर्मा ने
14 . ऐसा बताओ कौन शैतान
     नाक पर बैठे पकड़े कान     ( ऐनक) 
                                 उत्तर दिया..... राकेश कौशिक और सीमा सचदेव ने).

15. स्थिर है मगर
     दिन रात चले (सड़क)
                              सही उत्तर दिया ...... हरदीप संधु  ने धरती नहीं है 
घड़ी हो सकती है,   दिल हो सकता है...    लेकिन कुछ और सोचें
            उत्तर दिया ....सानू शुकल,  दीनदयाल शर्मा   और राकेश कौशिक ने).

16. बिन हाथों के
     बिन पैरों के
    घूमें इधर- उधर  (अख़बार)
                         सही उत्तर दिया ...... हरदीप संधु  ने  
झाड़ू , नज़र हो सकती है पर यहाँ कुछ और है 
.                (दीवार घड़ी का पेंडुलम  नहीं है) 
            उत्तर दिया.....     दीनदयाल शर्मा  की  धर्मपत्नी कमलेश शर्मा   और   सीमा सचदेव ने).

17 . जैसे जैसे मुझे तलाशो
      दिल की अड़चन खोलो
     प्यार मेरे से पायोगे
     रुह की भूख मिटाओगे (किताब)
    ( ईश्रर हो सकता है,  ज्ञान हो सकता है...)
               उत्तर दिया.....  सीमा सचदेव    और  दीनदयाल शर्मा    ने)                           

18.   छोटा सा सिपाही
       उस की वरदी
      खींच कर उतारी  ( केला) 
                     उत्तर दिया.....  सीमा सचदेव और मनोज भारती ने).

19. एक चीज़ आई ऐसी
     सुबह चार टांगों पर
     दुपहर को दो पर
     शाम को तीन पर 
          (बचपन...जवां...और बुढ़ापा)
                          उत्तर दिया.....दीनदयाल शर्मा ने)
20. जिस के लगे
       उस को मारे
     है वो हत्यारा
     न वो फाँसी लगे
    न जाए जेल
    लगता सब को प्यारा  (चाकू)
               

     उत्तर दिया ....दीनदयाल शर्मा की ग्यारह वर्षीया बेटी मानसी ने



 ओम पुरोहित ' कागद' ने कुछ पहेलियों से ' पहेलियों की रात' को 

कुछ और रौचक बना दिया है.....
 आपका ब्लाग फिर देखने आया हूं।मन भरता ही नहीं ।
यहाँ पढ़ कर बचपन में नानी व माँ की सुनाई पहेलियाँ याद आ गईं। कुछ:-
21.      छोटी जी पिद्दणी,
          पिद्द पिद्द कर दी ।
          सारे बज़ार दी,
         लिद कट्ठी कर दी॥ ( झाड़ू )
                                    उत्तर दिया .... हरदीप संधु  ने 
22.       हरी सी
            भरी सी
            राजे दे
           दरबार विच्च
           दुपट्टा पा के
            खड़ी सी।   (मकई का भुट्टा)
                                   उत्तर दिया .... हरदीप संधु  ने
23.     आ से
          ओ से! (नज़र)
उत्तर दिया.....ओम पुरोहित 'कागद' ने
24 .   उत्ते मैँ हरी सी
        हेठ लाल हां
        अमीर ते गरीब
        सब दे नाळ हां।  (हरी मिर्च )
                                  उत्तर दिया .... हरदीप संधु  ने
25.   देखो मेरा कमाल
        लाओ तां हरी
      ल्हाओ तां लाल ।(मेहँदी)
          उत्तर दिया.....ओम पुरोहित 'कागद' ने
ओम पुरोहित ' कागद' जी कुछ और पहेलियाँ ले कर हाज़िर हुए.......
लो जी अज्ज फेर कुज्ज पहेलियां- 
26          वेखो मेरी तक़दीर।
             मेरे टिढ जन्मों
लकीर। 
                     (कणक का दाना)
                  .........उत्तर दिया......सुप्रीत ने
27.       बारां जुवाक
           ती पौते
           प्यो दा नां
          दस खोते ! 

            ( साल, महीना, दिन)
          ..........उत्तर दिया       हरदीप संधु
28.   पिच्छों खांवां
         अग्गों
कढां ।
29.    32 फौजी
        कल्ली नार
        कर दी वार
       नां मन्ने हार। 
           (जीभ और दाँत)
..........उत्तर दिया       हरदीप संधु
30.  दुम्म से
       पानी पी कर
      मुख से
      आग उगलती हूं!
 
31.  खड़ी भी चलती
     पड़ी भी चलती
    जड़ी भी चलती
     बंधी भी चलती
    बिन पग भी चलती।
 
32. पहले मैं खाता
      फिर
     सब को खिलाता!
 
33.  ऊगता हूं
      बढ़ता हूं
      पर
     लगता नहीँ पत्ता।
  
34. नाक पर बैठता
     कान पकड़ता। (ऐनक)
..........उत्तर दिया       सुमीत ने
35. गोभी मटर
    टमाटर प्याज
    सब संग यारी
    अपने जैसी
    कौन तरकारी?

हरदीप कौर संधु   

72 comments:

mridula pradhan said...

aapke yadon ki pitari bahot hi sunder hai .likhte rahiyega.

रचना दीक्षित said...

आज पहली बार आना हुआ पर आना सफल हुआ बेहद प्रभावशाली प्रस्तुति

डॉ टी एस दराल said...

अरे बाप रे ! पूरे बीस दिन का काम दे दिया जी ।
जो बीसों का ज़वाब दे देगा , वो कभी बूढा नहीं हो सकता ।
शुभकामनायें ।

pawan dhiman said...

Aapka lekan, bahut manbhavan, bilkul saral bachpan ki tarah... bahut khoob Hardip ji.

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

अरे वाह, यहाँ तो पहेलियों का खजाना मौजूद है।
मुझे अपना बचपन याद आ गया।
--------
ब्लॉगवाणी माहौल खराब कर रहा है?

बेचैन आत्मा said...

पहली का उत्तर पंजाब शेष पर और लोग दिमाग लगाएं...आपको चाहिएए था कि रोज एक पहेली पूछतीं ...बूझो तो जाने !

Rajendra Swarnkar said...

डॉक्टर साहिबा
इतनी सारी पहेलियों को हल करते तो बहुत दिन निकल जाएंगे …

हल ख़ोजने जा रहा हूं … ,
बीच में ही छुप्पा छुप्पी खेलने लग जाऊं तो
शस्वरं पर ढूंढ़ने आ जाइए …

कुछ बड़े बच्चों के लिए भी खेल हैं वहां … हा हा

- राजेन्द्र स्वर्णकार
शस्वरं

आशीष/ ASHISH said...

O JI! MAIKYA SHARMINDA NA KAREIN!
ASSI INNE HOSHIAR NEE HAINGE JE TUHAADI PAHELYAAN DE JAWAAB DE PAANWE.....
USTO UPAR TUSSI HINT VEE NI DITTA HAI MADHA-MOTTA!
DR. SAHIBA, TUSSI MAINU PUCHHYA SI KE MAIN KEDE SHEHER ME REHNDA HAN?
OHDA JAWAAB: PHILLAUR (DISTT JALANDHAR)
EK GAL HOR, JE TUSSI JANNA CHAHNDE HO KE KYUN HOTA BAADAL BANJAARA....?, TAN MERE CHITTHE PE AAO.....
HOR NAAL YE VEE DASSO KE PANJ MAHINE DE WICCHO MAINU AAYEE PUNJABI HALLE YE NI?
HA HA HA!

Manoj Bharti said...

कुछ पहेलियों के जवाब हैं : सीता, दिन-रात, तीन, लड्डू, नानी-माँ और उसकी बेटी, घड़ी,

बहुत सुंदर पहेलियाँ हैं जी !!!

kshama said...

Pahli baar ayi hun aapke blog pe..aur paheliyon me ulajh rahi hun!
Hai to badi mazedar! Jawab padhne aaungi...dengee na, jawab?

अरुणेश मिश्र said...

आपके ब्लाँग पर आकर उत्सुकता जन्म लेती है ।
रोचक प्रस्तुति . बधाई ।

राकेश कौशिक said...

११. विद्या (ज्ञान)
१४. ऐनक (चश्मा)
१५. घड़ी

Manoj Bharti said...

क्या तीसरी पहेली का जवाब साँसे है ?

Manoj Bharti said...

16वीं पहेली का जवाब चप्पल है ।

Manoj Bharti said...

17वीं पहेली का जवाब स्वयं पहेली ही हो सकता है ।

Manoj Bharti said...

क्या 18वीं पहेली का जवाब केला है ?

हेमंत कुमार ♠ Hemant Kumar said...

आपकी पहेलियों ने तो बचपन की याद दिला दी---बढ़िया पोस्ट्।

संजय भास्कर said...

आज पहली बार आना हुआ पर आना सफल हुआ बेहद प्रभावशाली प्रस्तुति

संजय भास्कर said...

मुझे आपका ब्लोग बहुत अच्छा लगा ! आप बहुत ही सुन्दर लिखते है ! मेरे ब्लोग मे आपका स्वागत है !

देवेश प्रताप said...

बहुत बढ़िया प्रस्तुती ........एक जमाने की बात आपने याद दिला दी .......बहुत खूब

seema sachdev said...

बचपन में हम भी ऐसी पहेलियां बहुत सुलझाते थे , प्रयास कर रही हूं ,कुछ पहेलियों के जवाब देने का ।

३.सांस (स्वास )
४. खुशबू
५. दोपहर खिडी ( एक फ़ूल )
११ . इसका जवाब तो मैं आपको पहेली में ही दूंगी , आशा है आप समझ जाएंगी , क्योंकि पंजाबी है तो आपके लिए मुश्किल नहीं होगा
कंध ते पई चव्वानी
न चोर च्के न चोर दी नानी
१३. शायद तरबूज
१४. ऐनक
१५. धरती
१६.नज़र
१७. शायद ईश्वर
१८. केला
१९. सुबह दोपहर शाम

बरनाला वालों को अबोहर वालों की सत श्री अकाल , नमस्कार । आप अगर मेरे ब्लाग पर नहीं आतीं तो शायद मुजे पता ही नहीं चलता । थैंक्स....सीमा सचदेव

कमलेश वर्मा said...

dr sandhu.yh bhi ak tarah dimag ki kasrat krwa kar tej bnanae me yogdan kar rahi hain ..badhayee

आचार्य जी said...

आईये जानें ..... मैं कौन हूं !

आचार्य जी

mrityunjay kumar rai said...

मेरे बेटे माधव के ब्लॉग http://madhavrai.blogspot.com/
पर आयी , आपका शुक्रिया . आपके ब्लॉग पर पहली बार आया हूँ , बहुत अच्छा बनाया है

माधव said...

thanx for visiting my blog. your blog is also very nice

sanu shukla said...

2--geeta me seeta nahi thi..;-)

sanu shukla said...

8-ankh

15-dharti(prathvi

20-ganna(sugarcane) ;-)

sanu shukla said...

achhi prastuti...dhanywaaad

शोभना चौरे said...

achha lga vapis bachpan me jana .

दीनदयाल शर्मा said...

शब्दों का उजाला...
ब्लॉग आपका निराला...
आप सबके लिए दीप....
ये कहे दीनदयाला....

सुमित प्रताप सिंह said...

आपकी पहेलियों को पढ़ मुझे मेरा बचपन याद आ गया...

ओम पुरोहित'कागद' said...

HARDEEP JI,
SAT-SHRI-AKAAL !
AAP JI DA BLO VEKHYA -BHOT E CHANGA LAGYA ! LAKH-LAKH BADHAIYAN !!
TUSSI TE BLOG VICH BATHERIYAN JANKARIYAN BHAR RAKHIYAN NE .INJ LAGDA A JIVEN KOI GYAN DI KUTHLI KHOL LAI HAOVE !
RACHDE VASDE RAVO TE INJ E SOHNA KAMM KARDE REVO !

Manoj Bharti said...

सातवीं पहेली का उत्तर है : छाया ।

Manoj Bharti said...

20वीं पहेली का जवाब दिल्लगी हो सकता है ?

Manoj Bharti said...

19वीं पहेली का जवाब परछाई है ।

Manoj Bharti said...

पाँचवें का उत्तर सूरजमुखी का फूल है क्या जी ?

दीनदयाल शर्मा said...

paheli 9 ka uttar ...कफ़न ...
Deendayal sharma

ज्योत्स्ना पाण्डेय said...

सुन्दर प्रस्तुति!

लिखते रहिये, यही शुभकामनाएं....

दीनदयाल शर्मा said...

चौथी पहेली का उत्तर ...याद....
पांचवी पहेली का उत्तर....पसीना....

दीनदयाल शर्मा said...

सोलहवीं पहेली का उत्तर..... मेरी धर्मपत्नी कमलेश शर्मा ने ...... झाड़ू यानी भुवारी बताया है...

Prem Farrukhabadi said...

uttar to nahin aate par paheliyan rochak lagi .badhai!

दीनदयाल शर्मा said...

सातवीं पहेली का उत्तर ....आसमान यानी आकाश हो सकता है...

दीनदयाल शर्मा said...

paheli 17 ka uttar ज्ञान हो सकता है...

दीनदयाल शर्मा said...

पंद्रहवीं पहेली का उत्तर ......दिल हो सकता है...

ओम पुरोहित'कागद' said...

आपका ब्लाग फिर देखने आया हूं।मन भरता ही नहीँ।यहां पढ़ कर बचपन मेँ नानी व माँ की सुनाई पहेलियां याद आ गईँ। कुछ:-
1 छोटी जी पिद्दणी,
पिद्द पिद्द कर दी ।
सारे बज़ार दी,
लिद कट्ठी कर दी॥
2 हरी सी
भरी सी
राजे दे
दरबार विच्च
दुपट्टा पा के
खड़ी सी।
3 आ से
ओ से!
4 उत्ते मैँ हरी सी
हेठ लाल हां
अमीर ते गरीब
सब दे नाळ हां।
5 देखो मेरा कमाल
लाओ तां हरी
ल्हाओ तां लाल ।
उत्तर तुस्सी लिख के भेजो!

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

pehli baar aapke blog par aane ka mauka mila....
lekin trust me it was worth it...
i really liked your composition...
i must say...despite having born in Punjab...you have a tight command over HINDI..
great JOB..

दीनदयाल शर्मा said...

सोलहवीं पहेली का उत्तर....दीवार घड़ी का पेंडुलम ...हो सकता है...

दीनदयाल शर्मा said...

चौथी पहेली का उत्तर ग्यारह वर्षीया बेटी मानसी ने बताया कि हवा ...हो सकता है...

दीनदयाल शर्मा said...

तीसरी पहेली का उत्तर ..... 'बेटी गई,बहु आई' ...हो सकता है...

दीनदयाल शर्मा said...

तेरहवीं पहेली का उत्तर .....कॉपी पर लिखे गये..... ' अक्षर' ...हो सकता है...

दीनदयाल शर्मा said...

उन्नीसवीं पहेली का उत्तर ....अवस्था ...हो सकता है...जैसे...बचपन...जवां...और बुढ़ापा...

दीनदयाल शर्मा said...

आठवीं पहेली का उत्तर ....सूरज और चाँद हो सकता है....

दीनदयाल शर्मा said...

सोलहवीं पहेली का उत्तर .... मन ....हो सकता है....

दीनदयाल शर्मा said...

बीसवीं पहेली का उत्तर दीनदयाल शर्मा की ग्यारह वर्षीया बेटी मानसी ने बताया है कि....चाकू या दाँत... हो सकता है....

दीनदयाल शर्मा said...

चौथी पहेली का उत्तर ..... मौत..... भी हो सकता है....

दीनदयाल शर्मा said...

दूसरी पहेली का उत्तर ...गीता में उन्नीसवां अध्याय नहीं है...... भी हो सकता है....

ओम पुरोहित'कागद' said...

मेरी भेजी पहेलायोँ के उत्तर :-
1.झाड़ू
2.मक्की का भुट्टा
3 .नज़र
4 .मिर्च
5 .मेँहदी

ओम पुरोहित'कागद' said...

लो जी अज्ज फेर कुज्ज पहेलियां-
1. वेखो मेरी तक़दीर।
मेरे टिढ जन्मोँ लकीर।
2. बारां जुवाक
ती पौते
प्यो दा नां
दस खोते !
3. पिच्छोँ खांवां
अग्गोँ कढां ।
4. 32 फौजी
कल्ली नार
कर दी वार
नां मन्ने हार।
5 .दुम्म से
पानी पी कर
मुख से
आग उगलती हूं!
6.खड़ी भी चलती
पड़ी भी चलती
जड़ी भी चलती
बंधी भी चलती
बिन पग भी चलती।
7.पहले मैँ खाता
फिर
सब को खिलाता!
8.ऊगता हूं
बढ़ता हूं
पर
लगता नहीँ पत्ता।
9.नाक पर बैठता
कान पकड़ता।
10. गोभी मटर
टमाटर प्याज
सब संग यारी
अपने जैसी
कौन तरकारी?

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

रोचक पहेलियां!

दीनदयाल शर्मा said...

डॉ.साहिबा, नमस्कार, सभी बीसों पहेलियों के उत्तर पढ़ कर आज साँस आया है...पहेली न. 13 का उत्तर मेरा दिया हुआ है...कृपया इसमें मेरा नाम दें...लेकिन बीसवीं पहेली का उत्तर मेंरी ग्यारह वर्षीया बेटी मानसी ने दिया है...उसने दांत और चाकू बताया था...कृपया इसके उत्तर के नीचे ' मानसी शर्मा' देने का कष्ट करें..आपका बहुत बहुत आभार... .

दीनदयाल शर्मा said...

श्रद्देय डॉ.साहिबा, नमस्कार...पहेली उत्तरदाताओं के नाम में आपने संशोधन किया ....इसके लिए आपका धन्यवाद...My blog.... deendayalsharma.blogspot.com फोलोवर में आपकी उपस्थिति देख कर बहुत ही प्रसन्नता हुई...आपका फिर से आभार... ddji.blogspot.com

दीनदयाल शर्मा said...

सोलहवीं पहेली का उत्तर मेरे हिसाब से ' अखबार' जमा नहीं....आप और विचार करना...

ओम पुरोहित'कागद' said...

पहेली का जब उत्तर नहीँ आता तो कहते हैँ"हारगी पटारगी लम्बा पद मारगी"
खैर!
मेरी उन पहेलियोँ का उत्तर- जिनका उत्तर आपके ब्लाग पर नहीँ आया-
28 .बंदूक
30 .दीपक की बात्ती
31 .घड़ी
32 .तंदूर
33 .दिन
35 .आलू

ओम पुरोहित'कागद' said...

कुछ पहेलियां और आपकी व आपके बच्चों की नज़र-
1.बारां बुक्कळ
बारां पेट
बारां चले गए
परदेश
बारां खेडण टाल्ली
हेठ
2 .डब्ब खड़ब्बी बकरी
डब्बी ओहदी छां
चल बकरिये
कल आळी थां।
3 .थाळ भरा अंगारे।
ऊपर पड़ा हमारे॥
4 .मैँ राजे दी राणी
चुग्गां दाणा
पीवां पाणी
सिर ते कलंगी
पर पैरों नंगी।
5 .बोलां वी
सुणां वी
ना मैँ डंगर
ना मैँ बंदा
उत्तर दे
मेरी चंदा!

Manoj Bharti said...

30वीं पहेली का जवाब हुक्का ।

वन्दना अवस्थी दुबे said...

30. दुम्म से
पानी पी कर
मुख से
आग उगलती हूं!
( लालटेन या लैम्प, केरोसिन से जलने वाली)
31. खड़ी भी चलती
पड़ी भी चलती
जड़ी भी चलती
बंधी भी चलती
बिन पग भी चलती।
( घड़ी)
32. पहले मैं खाता
फिर
सब को खिलाता!
( चक्की, शायद)
33. ऊगता हूं
बढ़ता हूं
पर
लगता नहीँ पत्ता।
(चांद)
35. गोभी मटर
टमाटर प्याज
सब संग यारी
अपने जैसी
कौन तरकारी?
(आलू)

स्वाति said...

रोचक प्रस्तुति..

Udan Tashtari said...

बढ़िया संग्रहणीय और रोचक पहेलियाँ हैं. बुकमार्क कर लीं.

Ajay said...

संग्रहणीय और रोचक पहेलियाँ हैं.

Anonymous said...

Very nice and very informative for us!!!!

deepak saluja said...

30 दिये की बाती
31 घडी

Hindi News & Views समाचार said...


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