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Tuesday, August 24, 2010

रक्षाबन्धन
















भाई हाथ बंधी
बहनों की...
सांस की डोरी
चोट भाई को लगे

बहिना रो ली...
जब कभी भी
भाई होत उदास

बहिना की रुक जाती सांस
ठंडी हवा का झोंका
जब माय
के  से आए...
तभी तो ब
हिना
चैन से जी पाए !!!! 
हरदीप कौर संधु

18 comments:

ali said...

संबंधों और आशाओं को छूकर गुज़रती कविता !
सुन्दर कविता !

राजभाषा हिंदी said...

बहुत अच्छी कविता।

*** भारतीय एकता के लक्ष्य का साधन हिंदी भाषा का प्रचार है!

ललित शर्मा-للت شرما said...

सुंदर भावाभिव्यक्ति है।

आभार

सहज साहित्य said...

कविता मर्मस्पर्शी तो है ही , साथ ही साथ बहिन के अनुपम प्रेम की सहज अनुभूति और उसी के अनुरूप दिल को छूने वाले शब्दों में बँधी है ।जितनी बार पढ़ी गई , उतनी बार नए अर्थ खुलते हैं। हरदीप जी आपकी कलम इसी तरह से काव्य -गंगा प्रवाहित करती रहे !

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहन के मन की भावनाओं को बताती अच्छी रचना

हास्यफुहार said...

बहुत अच्छी कविता।
:: हंसना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।

Asha said...

बहुत सुंदर रचना |
बधाई |
आशा

arvind said...

बहुत बढ़िया...सुंदर भावाभिव्यक्ति

डॉ टी एस दराल said...

बहुत सुन्दर । रक्षाबंधन पर विशेष अच्छी रचना । बधाई।

राकेश कौशिक said...

भावात्मक - अनमोल हैं ये रेशम के धागे - समसामयिक प्रस्तुति

Vijay Kumar Sappatti said...

HARDEEP JI

RAAKHI KE MANBHAAVAN TYOHAAR PAR AAPNE BAHUT HI ACCHA LIKHA HAI ..

VIJAY
आपसे निवेदन है की आप मेरी नयी कविता " मोरे सजनवा" जरुर पढ़े और अपनी अमूल्य राय देवे...
http://poemsofvijay.blogspot.com/2010/08/blog-post_21.html

MUFLIS said...

raakhee ke pavan avsar par
likhi gaee kavita
mn mei kaheen gehre utarti hai

abhivaadan .

Virendra Singh Chauhan said...

Very nice and touching.........Thanks.

हरकीरत ' हीर' said...

बहन भाई के प्रेम को सार्थक करती पंक्तियाँ ......!!

वीरबाला said...

्हरदीप जी इस कविता में मन को द्रवित कर देने वाला चित्रण आंखों के आगे साकार हो जाता है ।

SURINDER RATTI said...

Hardeep Ji,
Bahi bahan ke rishey ko bahut hi qareeb se dekh kar aapne sahi likha hai. Badhaayi.
Surinder Ratti
Mumbai

दीनदयाल शर्मा said...

बहुत सुंदर भावाभिव्यक्ति.....दिल से बधाई....

कविता रावत said...

रक्षाबंधन पर विशेष ...सुंदर भावाभिव्यक्ति