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Friday, September 24, 2010

खुशिया चाचा का अपॉइन्ट्मैंट लैटर







छोटापुर गाँव के खुशी राम को कब गाँव वाले खुशिया चाचा कहने लगे, ठीक तरह से याद नहीं। खुशिया चाचा को हर बात बढ़ा-चढ़ाकर करने की आदत थी । जेब में आठआने होते तो वह अस्सी रुपये बताता । कुछ पढ़ा हुआ था, किसी शहर में जा नौकरी की । जब गाँव लौटकर आता तो बढ़ी-बढ़ी बातें गाँव वालों को सुनाता । वहाँ एक कमरे के मकान में रहता था ...मगर कहता उसे आलीशान मकान ।
एक और बात ...वह ' छ'/'श' को 'स'  बोलता....जैसे खुसी राम , सोटापुर ।
उसे एक बात दिन-रात सता रही थी.....कि वह बाबू लोगों की तरह सूट-बूट पहनता है...उन्ही की तरह उठता-बैठता है....फिर भी वह कैसे जान जाते हैं कि मैं खुसी राम सोटापुर वाला हूँ।
फिर वह अपना नाम के. आर. समालपुर बताने लगा । परन्तु गाँव वालों के लिए तो वह खुशिया चाचा ही था।शहर में दूसरों की देखा -देखी विदेश जाने का भूत उस पर भी सवार हो गया । उस ने किसी विदेशी कंपनी में नौकरी के लिए निवेदन पत्र भेज दिया । कुछ दिनों बाद खुशी राम को पत्र का जवाब कुछ ऐसे मिला ।
Dear Mr. Khushi Ram,
I am writing in regard to your application. Thank you for your interest and time taken to send it. You do not meet our requirements. Please do not send any further correspondence. No phone call shall be entertained.
Thanks
Nathan McMillan

विदेश से आया पत्र देखकर खुशी राम खुशी से उछलने लगा । दूसरे ही दिन गाँव पहुँचा और गाँव वालों को एकत्र  किया और बताने लगा कि मुझे विदेश में नौकरी मिल गई है। मैं आप सब को अपना अपॉइन्ट्मैंट लैटर यानि कि नियुक्ति  पत्र पढ़कर सुनाता हूँ, लेकिन पत्र अंग्रेजी में  है ....मैं साथ-साथ हिन्दी में  भी अनुवाद करूँगा .......

Dear Mr. Khushi Ram,
 बहुत प्यारे खुसिया भईया,

I am writing ..... मैं लिख रहा हूँ......in regard to your .....आप ही के बारे मा  ..........application. Thank you .....अपलीकेसन (पत्र)  भेजने का बहुत-बहुत धन्यवाद........for your interest......आप तो बहुत ही दिलचस्प हो and time taken to send it..... और इसको ( पत्र ) भेजने मा  इतना समय क्युँ  लगा दिया ।  You do not meet ....आप तो मिलते ही नहीं हो.....our requirements......हमको ज़रूरत है.... Please do not send any further correspondence.......अब लैटर-वैटर भेजने की कोई ज़रूरत नाही ।  No phone call... फुनवा का भी ज़रूरत नाही  ..... shall be entertained.....बहुत खातिर की जाएगी ।
Thanks....आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ।
Nathan McMillan.......तोहरा नथ्थु  !!!!!!
  
हरदीप संधु



28 comments:

ललित शर्मा said...

ha ha ha ha khushya chacha bhi kamal hai........

Bhushan said...

बढ़िया है.:)

ZEAL said...

काश अपने देश का बच्चा-बच्चा पढ़ा लिखा हो। आंसू आ गए इस पत्रानुवाद को पढ़कर। कितना दुःख पहुंचेगा उसे जब सच्चाई से रूबरू होगा।

ali said...

खुशिया का स्वाभाव है सच से अलग सच गढने का सो इतना ही कहूँगा ! आपकी कलम का असर हम तक बराबर पहुंचा है :)

डॉ टी एस दराल said...

हा हा हा ! बढ़िया अनुवाद ।

राजभाषा हिंदी said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति। राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।
मशीन अनुवाद का विस्तार!, “राजभाषा हिन्दी” पर रेखा श्रीवास्तव की प्रस्तुति, पधारें

Babli said...

बहुत बढ़िया, मज़ेदार और शानदार प्रस्तुती!

Babli said...

मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

अन्तर सोहिल said...

हा-हा-हा
यह तो फत्तू का भी बाप निकला।
मजा आया
यह पोस्ट पढवाने के लिये आभार
शायद मैं भी ऐसी ही अंग्रेजी जानता हूँ:)

प्रणाम स्वीकार करें

निर्मला कपिला said...

ह्क़ा हा हा हर्दीप जी हंसते हुये पेट मे बल पड गये। बहुत खूब। बधाई।

हास्यफुहार said...

बहुत अच्छा लगा।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

कमाल का न्युक्ति पत्र

सुधीर said...

बहुत खूब। बधाई।
http://sudhirraghav.blogspot.com/
दुनिया का बंटवारा

sada said...

बहुत ही सुन्‍दर लेखन, 'खुशिया' के इस नियुक्ति पत्र में आपकी ही लेखनी का कमाल है, सुन्‍दर विधा, सुन्‍दर पोस्‍ट, बधाई के साथ शुभकामनायें ।

मनोज कुमार said...

आपकी लेखनी का एक और नया रंग देखने को मिला। बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!
स्वरोदय विज्ञान – 10 आचार्य परशुराम राय, द्वारा “मनोज” पर, पढिए!

कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा said...

wah dr sandhu ji aap videsh me jaroor ho lekin panjabi hasay ki virasat ko ba-khoobi sambhal rahi hain...great meri badhayee kabool karen...sunder

Kunwar Kusumesh said...

Dear Mr. Khushi Ram,
बहुत प्यारे खुसिया भईया,

I am writing ..... मैं लिख रहा हूँ......in regard to your .....आप ही के बारे मा ..........application. Thank you .....अपलीकेसन (पत्र) भेजने का बहुत-बहुत धन्यवाद........for your interest......आप तो बहुत ही दिलचस्प हो and time taken to send it..... और इसको ( पत्र ) भेजने मा इतना समय क्युँ लगा दिया । You do not meet ....आप तो मिलते ही नहीं हो.....our requirements......हमको ज़रूरत है.... Please do not send any further correspondence.......अब लैटर-वैटर भेजने की कोई ज़रूरत नाही । No phone call... फुनवा का भी ज़रूरत नाही ..... shall be entertained.....बहुत खातिर की जाएगी ।
Thanks....आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ।
Nathan McMillan.......तोहरा नथ्थु !!!!!!

अंग्रेजी पत्र का हिंदी अनुवाद बड़ा मज़ेदार है .
पढ़कर हंसी आ गई.बहुत बढ़िया.

कुँवर कुसुमेश
समय हो तो मेरा ब्लॉग देखें:kunwarkusumesh.blogspot.com

सहज साहित्य said...

कभी -कभी इस तरह की पोस्ट ज़रूर लगानी चाहिए , वर्ना यह जीवन तो बोझिल हो जाएगा । अनुवाद तो बहुत ही रोचक है । बार-बार पढ़ने को मन करता है । मन के ऊपर छाए बादल छँटने लगते हैं। बहुत बधाई !

sky-blue freak :D said...

Super-Duper Funny!!!!!!:D

वन्दना अवस्थी दुबे said...

वाह, बहुत बढिया.

Prem Farrukhabadi said...

aapke vyaktitv ka parichay bhi is patr ke dwara mil raha hai. bahut khoob . badhai!!!

budh.aaah said...

very entertaining post :)

माधव said...

बहुत बढ़िया, मज़ेदार और शानदार प्रस्तुती

दिगम्बर नासवा said...

हा हा हा .... खुशिया चाचा के क्या कहने .... क्या अनुवाद है ...

Sunil Kumar said...

बहुत बढ़िया,

चैतन्य शर्मा said...

मजेदार हैं यह खुशिया चाचा तो...... हा हा हा ....

जयकृष्ण राय तुषार said...

very nice post badhai

KAHI UNKAHI said...

ऐसा अच्छा अनुवाद तो मेरे ख्याल से खुसिया चाचा ही कर सकते थे...सच्ची मज़ा आ गया...।