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Saturday, November 20, 2010

श्री गुरू नानक देव जी का प्रकाश पर्व


               धन गुरु नानक प्रगटिया
          मिटी धुंध जग चानण होआ  !!
 श्री गुरु नानक देव जी का जन्म 15 अप्रैल  1469 ई.   ( वैशाख   सुदी ३, संवत् 1526  विक्रमी ) में तलवंडी रायभोय नामक स्थान ( जो  पाकिस्तान में है) हुआ । आजकल यह स्थान ननकाना साहिब के नाम से जाना जाता है ।
गुरु जी का प्रकाश उत्सव कार्तिक पूर्णिमा को मनाया जाता है जिसके कई कारण हैं .......
1. महाराजा रणजीत के समय में यह पर्व वैशाख ( अप्रैल ) में ही मनाया जाता था ननकाना साहिब में ।

2. भाई साहिब भाई  संतोख सिंह ने भाई बाला जी की साखियों के आधार पर 1823 ई. में ' नानक प्रकाश' लिखा जिसमें बाबा नानक का  जन्म कार्तिक में ही बताया गया है।

3. इसके बाद 1853 ई. को पहली बार यह गुरुपर्व कार्तिक पूर्णिमा को मनाया गया ।

4. यह भी माना जाता है कि एक बार जब बाबा नानक वेंई नदी में स्नान करने गए और वहाँ से तीन दिन बाद बाहर आए । उस दिन कार्तिक की पूर्णिमा थी । बाहर आकर गुरु जी ने एक नया संदेश दिया....रब एक है.....न कोई हिन्दू  है .....न कोई मुसलमा है । लोग इस दिन को बाबा नानक का रूहानी जन्म मानते हैं ।

5. कार्तिक माह को हिन्दू  लोग श्री राम तीर्थ मेले पर अमृतसर जाते थे । ज्ञानी संत सिंह चाहते थे कि सिख भी इन दिनों दरबार साहिब आएँ माथा टेकने ।

6. वैशाख माह में तो और भी बहुत सारे उत्सव होते हैं , जैसे वैसाखी , होली, होला मुहल्ला , दुर्गा- अष्टमी , रामनवमी ।  

 7. कार्तिक माह में किसान लोगों  के पास  हाड़ी ( रबी) की फसल काट लेने के बाद समय ही समय होता है । 

यह सब कारण मिल करके बन गए कारण यह गुरुपर्व नवंबर ( कार्तिक ) माह में मनाने का ।
हरदीप कौर सन्धु ( बरनाला)


19 comments:

सहज साहित्य said...

आजकल अमीरी-गरीबी की खाई बढ़ती जा रही है । धन के लालचियों की खोपड़ी भरती ही नहीं । ऊँच-नीच की खाई फिर बढ़ने लगी है । गुरु नानक जी के उपदेश आज पहले से भी ज्यादा प्रासंगिक हो गए हैं । उनके उपदेशों पर चले बिना समाज का कल्याण नहीं होगा ।

दीनदयाल शर्मा said...

Nanak naam chadadi kanlaan..

यशवन्त said...

वर्तमान वैश्विक,राजनैतिक और धार्मिक परिस्थितियों में प्रत्येक व्यक्ति को गुरु नानक देव जी के सर्व धर्म समभाव के सन्देश को समझना और उस पर अमल करना चाहिए.
गुरु नानक देव जी के बारे में बहुत अच्छी जानकारी दी आपने.
प्रकाश पर्व की शुभ कामनाएं.

सादर-

ktheLeo said...

जानकारी पूर्ण , सकारात्मक श्रर्धामयी रचना। गुरु पर्व की शुभकामनायें!

Bhushan said...

संतों की बात सुनने में भलाई है. गुरु व्यक्ति को ज्ञान देकर उसे अपने ही अंतस में लौटा देता है. आपने संतों की याद दिला कर उपकार किया है.
गुरपुर्ब की हार्दिक शुभकामनाएँ.

shikha kaushik said...

achchhi jankaari .prakash parv ki hardik shubhkamnaye .

ज़मीर said...

आपके द्वारा दी गई जानकारी के लिए धन्यवाद. साथ ही प्रकाश वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं.

ali said...

प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं !

मनोज भारती said...

गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस के संबंध में अच्छी जानकारी दी है आपने ...

एक ओंकार सतनाम
कर्ता पुरुख निर्भव निर वैर
अकाल मूरत अजून
संभव गुरु प्रसाद !!!

गुरु पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ !!!

अशोक बजाज said...

कार्तिक पूर्णिमा एवं प्रकाश उत्सव की आपको बहुत बहुत बधाई

DR. ANWER JAMAL said...

अल्लामा इकबाल ने हज़रत बाबा नानक साहब रहमतुल्लाह अलैह की शान में यह कहा है -
फिर उठी आखिर सदा तौहीद की पंजाब से
हिंद को जगाया ख़्वाब से

उन्होंने सच कहा है बाबा साहब की शान और उनके कारनामों को आज सामने लाए जाने की जरूरत है ।
आपने यह नेक काम किया ।
आपका बहुत बहुत शुक्रिया !

DR. ANWER JAMAL said...

फिर उठी आखिर सदा तौहीद की पंजाब से
हिंद को इक मर्द ए कामिल ने जगाया ख्वाब से

मनोज कुमार said...

धन गुरु नानक प्रगटिया
मिटी धुंध जग चानण होआ !!

Udan Tashtari said...

गुरुपर्व की शुभकामनाएँ.

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

प्रकाश पर्व की शुभकामनायें ...अच्छी जानकारी मिली

अनुपमा पाठक said...

सुन्दर जानकारी!
शुभकामनाएँ!

दिगम्बर नासवा said...

अच्छी जानकारी .... प्रकाश पर्व की शुभकामनायें ....

Patali-The-Village said...

गुरपुर्ब की हार्दिक शुभकामनाएँ|

निर्मला कपिला said...

गुरूपर्व पर हार्दिक बधाई।