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Saturday, December 25, 2010

नव वर्ष (2011)


















नव वर्ष की शुभकामनाएँ !
1
नए वर्ष में                        
 जिन्दगी से घटता                    
  फिर से वर्ष  ।
2
नव वर्ष में
  जागे हर मन में 
  उल्लास नया ।
3
नव वर्ष में
रिश्तों में भी पनपे
विश्वास नया ।
4
चाह नवल
  महके नया साल
  चंदन बन ॥
5
 चहके वर्ष
आशाओं के वन में
चिड़िया जैसे ।
6
नव तरंग
  जीवन का प्रसंग
 उज्ज्वल नव ।
7
बाँध ये मुट्ठी
 झुक जाएगी तब
 दुनिया सारी ।

8
खुश है मन
 खिले मन -वाटिका
  नए सुमन ।
9
नव वर्ष में
 पाखी भी मिल गाएँ
  जीवन -राग ।
10
सूरज आज
   लगता नया -नया
    नव सृजन ।
11
 नवल राह
  जिन्दगी को बनाएँ
   नव प्रवाह ।
12
करें ये प्रण
   जीतेंगे हारी बाजी
   मैं और तुम  ।
  
हरदीप कौर सन्धु ( बरनाला)

23 comments:

सहज साहित्य said...

सभी हाइकु एक से बढ़कर एक हैं । डॉ हरदीप का सर्जन इन्हें अन्य रचनाकरों से अलग करता है । बहुत बधाई !

डॉ टी एस दराल said...

सभी हाइकु अति सुन्दर ।
नव वर्ष की आपको भी अग्रिम शुभकामनायें ।

Prem Farrukhabadi said...

नव वर्ष की आपको शुभकामनायें ।

Prem Farrukhabadi said...

नव वर्ष की आपको शुभकामनायें ।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

सभी रचनाये अच्छी ..नव वर्ष की शुभकामनायें

यशवन्त माथुर said...

बेहतरीन!
क्रिसमस की शुभ कामनाएं

सादर

अन्तर सोहिल said...

पंक्तियां बेहद अच्छी लगी, धन्यवाद

आपको भी हार्दिक शुभकामनायें

प्रणाम

Bhushan said...

सभी रचनाएँ अच्छी लगीं.
आप सभी को क्रिस्मस की हार्दिक शुभकामनाएँ!

udaya veer singh said...

priya hardeep ji

satshri akal

sunder ! snehil prayas ,man ko chhuta hua / sarthak aur aashawadi hona hi chahiye /

dhanyawad /

ali said...

नव वर्ष की शुभकामनाएं !

पुष्पा बजाज said...

आपकी रचना वाकई तारीफ के काबिल है .

* किसी ने मुझसे पूछा क्या बढ़ते हुए भ्रस्टाचार पर नियंत्रण लाया जा सकता है ?

हाँ ! क्यों नहीं !

कोई भी आदमी भ्रस्टाचारी क्यों बनता है? पहले इसके कारण को जानना पड़ेगा.

सुख वैभव की परम इच्छा ही आदमी को कपट भ्रस्टाचार की ओर ले जाने का कारण है.

इसमें भी एक अच्छी बात है.

अमुक व्यक्ति को सुख पाने की इच्छा है ?

सुख पाने कि इच्छा करना गलत नहीं.

पर गलत यहाँ हो रहा है कि सुख क्या है उसकी अनुभूति क्या है वास्तव में वो व्यक्ति जान नहीं पाया.

सुख की वास्विक अनुभूति उसे करा देने से, उस व्यक्ति के जीवन में, उसी तरह परिवर्तन आ सकता है. जैसे अंगुलिमाल और बाल्मीकि के जीवन में आया था.

आज भी ठाकुर जी के पास, ऐसे अनगिनत अंगुलीमॉल हैं, जिन्होंने अपने अपराधी जीवन को, उनके प्रेम और स्नेह भरी दृष्टी पाकर, न केवल अच्छा बनाया, बल्कि वे आज अनेकोनेक व्यक्तियों के मंगल के लिए चल पा रहे हैं.

मनोज भारती said...

सभी हाइकू अच्छे लगे । आपको नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ ।

दीनदयाल शर्मा said...

सभी हाइकु अति सुन्दर....
नव वर्ष की आपको भी अग्रिम शुभकामनायें....

संजय भास्कर said...

सभी रचनाये अच्छी ..नव वर्ष की शुभकामनायें

Zeal ( Divya) said...

कम शब्दों में उम्दा प्रस्तुति।

: केवल राम : said...

वाह क्या अंदाज है

: केवल राम : said...

नव वर्ष 2011 आपके लिए मंगलमय हो हार्दिक शुभकामनायें

JHAROKHA said...

hardeep ji
pahli bar aapke blog par aai hun,lekin ye sach hai man suvasit ho utha hai aapke likhe sabhi haiku jabardast hain.
bahut man -bhavan
mere blog ki shobha badhane ke liye
tatha nav-varshhh ki hardik shubh -kamnaayen.
poonam

Bhushan said...

नववर्ष की ढेरों हार्दिक शुभभावनाएँ.

Patali-The-Village said...

नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं|

अविनाश वाचस्पति said...

हाइकु नहीं
शब्‍दों की कू कू
एक हिन्‍दी ब्‍लॉगर पसंद है

पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

आपको और आपके परिवार को मेरी और मेरे परिवार की और से एक सुन्दर, सुखमय और समृद्ध नए साल की हार्दिक शुभकामना ! भगवान् से प्रार्थना है कि नया साल आप सबके लिए अच्छे स्वास्थ्य, खुशी और शान्ति से परिपूर्ण हो !!

दिगम्बर नासवा said...

आपको और आपके पूरे परिवार को नव वर्ष मंगलमय हो ...