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Saturday, January 15, 2011

अम्मा















1. अख़बार में

अम्मा देख तस्वीरें

खबरें सोचे!

2. चढ़ती धूप

 अकेली आज  बैठी  

अम्मा है चुप !


हरदीप कौर सन्धु
(बरनाला)  









     

14 comments:

Priyanka Gupta said...

प्रिय हरदीप जी ,
काश ! हमारे देश में स्त्रियों को शिक्षित बनाने के बारे में हम अब भी चेत जाएँ , तो भविष्य की कोई भी अम्मा ख़बरें सोचेगी नहीं , बल्कि उन्हें पढ़ पाएगी...।
एक विचारपूर्ण रचना के लिए बहुत बधाई...।

सादर ,
प्रियंका

Priyanka Gupta said...

प्रिय हरदीप जी ,
काश ! हमारे देश में स्त्रियों को शिक्षित बनाने के बारे में हम अब भी चेत जाएँ , तो भविष्य की कोई भी अम्मा ख़बरें सोचेगी नहीं , बल्कि उन्हें पढ़ पाएगी...।
एक विचारपूर्ण रचना के लिए बहुत बधाई...।

सादर ,
प्रियंका

मनोज कुमार said...

कम शब्दों में आपने तो व्यथा कथा कह डाली।

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

गागर में सागर सी हैं ये क्षणिकाएं।

---------
डा0 अरविंद मिश्र: एक व्‍यक्ति, एक आंदोलन।
एक फोन और सारी समस्‍याओं से मुक्ति।

डॉ टी एस दराल said...

दोनों हाइकु अति संवेदनशील ।

सहज साहित्य said...

. चढ़ती धूप

अकेली आज बैठी

अम्मा है चुप !
चित्रात्मकता हाइकु का विशिष्ट गुण है ।इन पंक्तियों में जो उदासी है , वह एक-एक शब्द में मुखर है । अख़बार में खबरों को जानने की जिज्ञासा का भी प्रभावी बिम्ब उभरा है ।

Dilbag Virk said...

amma ka khabren sochna ashikshit hone aur chup baithna upeksha ka prtik hai . do hiku main amma ka atit aur vartman ujager kar diya hai aapne .ati sunder

mridula pradhan said...

bhawpurn.

दिगम्बर नासवा said...

बहुत संवेदन शील ... समाज की नब्ज़ को पकड़ा है इन छोटी हाइकू में ...

Patali-The-Village said...

विचारपूर्ण रचना के लिए बहुत बधाई|

डॉ. नूतन डिमरी गैरोला- नीति said...

बहुत संवेदनशील और भावना से भरी हैकू अच्छी लगी... कल आपकी कोई हैकू वाली पोस्ट और ब्लॉग चर्चामंच पर होगा... http://charchamanch.blogspot.com

एक हैकू इस चित्र पर मेरी तरफ से -


अरे है कोई ?
पास मेरे आओ ना
लिखा बताओ

डॉ. नूतन डिमरी गैरोला- नीति said...

बहुत संवेदनशील और भावना से भरी हैकू अच्छी लगी... कल आपकी कोई हैकू वाली पोस्ट और ब्लॉग चर्चामंच पर होगा... http://charchamanch.blogspot.com

एक हैकू इस चित्र पर मेरी तरफ से -


अरे है कोई ?
पास मेरे आओ ना
लिखा बताओ

दीनदयाल शर्मा said...

बहुत संवेदनशील हैं आपकी रचनाएँ...हार्दिक बधाई..

Nirmal Bajwa said...

Haiku is a beautiful art. too many things can be said in too few words. i liked your style. its nice.