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Thursday, April 21, 2011

दुःख -सुख के साथी

पेड़ शरीक
गिराकर पत्तियाँ
मेरे दुःख में !
**

रोया, मगर
नहीं गिरने दिया
एक भी आँसू !
**

दुःख -सुख में
पेड़ देते हैं सदा
साथ हमारा !
**
पेड़ चुकाते
ऋण की पाई -पाई
धरती माँ की !
                     
 हरदीप कौर सन्धु

                                                                          (बरनाला)

16 comments:

सहज साहित्य said...

वृक्षों के बारे में बहुत सुन्दर वर्णन किया है । बहुत खूबसूरत मानवीकरण किया है । सभी के जीवन में इसी तरह हर्ष और विषद आते हैं । हरदीप जी भाषा बहुत सजीव हैभाव तो दिल को छूते ही हैं

रश्मि प्रभा... said...

दुःख -सुख में
पेड़ देते हैं सदा
साथ हमारा !
**
पेड़ चुकाते
ऋण की पाई -पाई
धरती माँ की !bahut badhiyaa

udaya veer singh said...

behatarin vakyansh , badhayi

Udan Tashtari said...

sunder shashakt haiku

मेरा साहित्य said...

पेड़ों के माध्यम से कितना सुंदर लिखा है
पेड़ शरीक
गिराकर पत्तियाँ
मेरे दुःख में
दुःख -सुख में
पेड़ देते हैं सदा
साथ हमारा
बधाई
रचना

Dilbag Virk said...

shaandar

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

दुःख -सुख में
पेड़ देते हैं सदा
साथ हमारा

Sunder Haiku...

डॉ टी एस दराल said...

सुन्दर, सार्थक , संदेशात्मक हाइकु ।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत सुन्दर भाव ...

वन्दना said...

सार्थक संदेश्।

मनोज कुमार said...

वृक्ष को प्रतीक बना कर जीवन के कई आयाम को स्पर्श करते हाइकु बहुत अच्छे लगे।

kunwarji's said...

har ek shabd chhuta huaa...

kunwar ji,

दर्शन कौर धनोए said...

-पेड़ के माध्यम से कही गई एक वैचारिक वार्ता --

Dr (Miss) Sharad Singh said...

शब्द-शब्द संवेदनाओं से भरे हाइकू....

चैतन्य शर्मा said...

हाँ पेड़ तो सबसे अच्छे साथी होते हैं..... हैप्पी अर्थ डे

Bhushan said...

सुंदर भावों मे पिरोए गए हाइकु. कोई न मिले तो लोग पेड़ के गले लग कर रो लेते हैं.