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Wednesday, June 29, 2011

' हाइगा' -"पात" कविता -चित्र


जापानी शब्द ' हाइगा' हाइकु की चित्रकारी है |  इस शब्द का अर्थ है कविता  - चित्र | हाइगा दो शब्दों के जोड़ से बना है ..." हाइ" = कविता या हाइकु + "गा" = रंगचित्र ( चित्रकला ) |  हाइगा की शुरुआत १७ शताब्दी में जापान में हुई |  हाइगा में तीन तत्व होते हैं - रंगचित्र + हाइकु कविता + सुलेख |
रंगचित्र चाहे   हाइकु के बिम्ब न भी बता रहा हो लेकिन इस दोनों में घनिष्ट संबंध होता है | उस जमाने में  हाइगा रंग - ब्रुश  से बनाया जाता था | लेकिन आज  डिजिटल फोटोग्राफी जैसी आधुनिक विधा से  हाइगा लिखा जाता है|























हरदीप 

6 comments:

सहज साहित्य said...

प्रकृति का सारा सौन्दर्य इन पत्तों में उडेल दिया है । मेरे पास शब्द ही नहीं जो इसकी व्याख्या कर सकूं

डॉ टी एस दराल said...

हाइगा --बहुत सुन्दर मिश्रण है कविता और चित्र का ।

मनोज कुमार said...

कमाल की प्रस्तुति।

Mumtaz and T.H.Khan said...

hare paat pe
yun ban gayeen moti
os ki boonden

Bahut hi sajeev chitran. Aap ko bahut badhai.

Bhushan said...

बहुत सुंदरता से शब्दों और चित्र का संयोजन किया है. जीवन दर्शन को समेटे हुए सुंदर हाइकु. वाह.

vibha rani Shrivastava said...

आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शनिवार 30 जुलाई 2016 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ....धन्यवाद!