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Sunday, July 10, 2011

स्वर्ग-का-फूल-गुलमोहर

{गुलमोहर - चोका}*
गुलमोहर 
है राज-आभरण**
स्वर्ग-का-फूल***
फर्न जैसी पत्तियाँ
झिलमिलाती
बड़े गुच्छों में फूल 
फूलों से सजा 
ये दिखता है जैसे 
हो दावानल !
दहकते हैं फूल 
आग के जैसे
सहते हैं जब ये 
सूर्य का ताप
वो फूलों का दुशाला 
लाल-नारंगी 
ओढ़कर सहता 
भीषण गर्मी 
दे आँखों को ठंडक 
आए शबाब 
यूँ गर्मी में निखार
पेड़ों पर बहार !
 *[चोका=जापानी लम्बी कविता, जिसमें 5+7……के क्रम में कविता लिखी जाती है और अंत में एक ताँका [5+7-5+7+7] जोड़ दिया जाता है ।
**संस्कृत में इसका नाम 'राज-आभरणहैजिसका अर्थ राजसी आभूषणों से सजा हुआ वृक्ष है।
***फ्रांसीसियों ने गुलमोहर को 'स्वर्ग का फूल'  नाम दिया है!

हरदीप 

18 comments:

दर्शन कौर धनोए said...

खूब सुरत फोटू के साथ एक दिल को ठंडक देती कविता भी ..मुझे भी गुलमोहर बेहद पसंद है .....

रश्मि प्रभा... said...

gulmohar ... mohak

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत सुन्दर ...

सहज साहित्य said...

डॉ हरदीप का यह चोका प्रकृति के अद्भुत सौन्दर्य की फोटोग्राफी है। इस छन्द में दावानल[जंगल की आग] का प्रयोग बहुत सार्थक किया गया है । यह आग बहुत तेजी से फैलती है और इसे बुझाना भी मुश्किल होता । गुलमोहर भी इसी तरह पूरे जंगल में खिला है । दहकना उस चित्रण को और चार चाँद लगा देता है ।बहुत सुन्दर उपमान वाली ये पंक्तियां बेजोड़ हैं- ये दिखता है जैसे
हो दावानल !
दहकते हैं फूल
आग के जैसे

वन्दना said...

आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
कल (11-7-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

http://charchamanch.blogspot.com/

Udan Tashtari said...

बहुत सुन्दर!!!

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

आपकी एक पोस्ट की हलचल आज यहाँ भी है

Bhushan said...

सुंदर रचना.

वाणी गीत said...

कविता का गुलमोहर भी कम खूबसूरत नहीं !

दिगम्बर नासवा said...

गुलमोहर का फूल हमेशा हँसता हुवा ,,, खिस्ल्किलाता हुवा लगता है ... लाजवाब रचना ....

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" said...

gulmohar par ek manohari kavita to hai hi... lekin gulmohar ke naamon ki bibidhta ka rahasya ujakar kiya...shilp aur jankari ek sath bahut shaandar prayas...hardik badhayi

Rachana said...

gulmohar pr ek adbhut kavita .aur is vidha me itna sunder likhna asan nahi hai.pr aap kushal kaviyatri hain to aapne aese likh diya hai ki jaese bahut asan hai .
bahut khub
badhai
rachana

Chandra Bhushan Mishra 'Ghafil' said...

सुन्दर झांकी प्रस्तुत की आपने...धन्यवाद और बधाई

Dr (Miss) Sharad Singh said...

कोमल भावनाओं में रची-बसी खूबसूरत रचना के लिए आपको हार्दिक बधाई।

ओम पुरोहित'कागद' said...

ਹਰਦੀਪ ਜੀ,
ਸੱਤਸ਼੍ਰੀਅਕਾਲ !
ਅਜ ਕਈ ਦਿਨਾਂ ਬਾਦ ਆਪਜੀ ਦੇ ਬ੍ਲੋਗ ਤੇ ਆਯਾ ਵਾਂ !
ਚਂਗਾ ਲੱਗ੍ਯਾ !
ਵਧਾਈ ਹੋਵੈ !

ऋता शेखर 'मधु' said...

इस स्वर्ग के फूल से परिचय कराने के लिए धन्यवाद
बहुत खूबसूरत चोका है, बधाई|
ऋता

MANI KA HASHIYA said...

एक खूबसूरत रचना...सुन्दर प्रस्तुति...बधाई...।

मानी

डॉ. हरदीप संधु said...

मेरी रचना [चोका] पर अपने विचारों से अवगत कराने के लिए आभार | आपके आत्मीय विचारों ने मेरा उत्साह बढ़ाया |

इसी तरह स्नेह बनाएं रखें।

हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।