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Saturday, July 16, 2011

मन के आँसू [ताँका]

                                                               

    [1]
भीगी पलकें
टप-टप टपके
मन के आँसू
ये दर्द में तिरता
दिल बहुत रोया !


   [2]
झूठ नहीं ये
ओ सनम बेवफ़ा
बोलते आँसू
तोड़कर संयम
सिर्फ एक ही भाषा !
    [3]
आँसू में होती
सागर से गहरी
संवेदनाएँ
पावनता इनकी
डूबकर ही जानूँ !
    
      [4]
आँसू तुम्हारे
याद बन बहते 
यूँ खोना नहीं
ये बन गए मोती 
बहुत अनमोल !

18 comments:

Udan Tashtari said...

भावपूर्ण...

Rakesh Kumar said...

मन के आँसूं मन की पीड़ा को व्यक्त करते हैं.
आपकी अभिव्यक्ति के हर शब्द से मन की पीड़ा महसूस हो रही है.सुन्दर प्रस्तुति के लिए आभार.

मनोज कुमार said...

सुंदर भावाभिव्यक्ति।

शिखा कौशिक said...

बहुत सुन्दर .आभार

रविकर said...

सार्थक ||

हर शब्द से मन की पीड़ा

महसूस हो रही है ||

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') said...
This comment has been removed by the author.
ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') said...

गागर में सागर सी हैं ये क्षणिकाएं।

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जीवन का सूत्र...
NO French Kissing Please!

Bhushan said...

चौंकाने वाली भावमयी रचना.

Kajal Kumar said...

चारों ही रचनाएं सुंदर हैं.

Dr (Miss) Sharad Singh said...

आँसू पर केन्द्रित चारों हायकूज़ मन को छूने वाले हैं....

सहज साहित्य said...

आँसू की स्याही से लिखे जीवन की किताब पर ये आँसू सबकी पीड़ा का सच्चा अनुवाद बन गए हैं ।प्रसाद ने अपने अमर काव्य 'आँशू' में भी इसी तरह की मार्मिकता बरी थी । 14 मात्राओं का वह छन्द हरदीप जी ने अपने ताँका से फिर ताज़ा कर दिया ।जयशंकर प्रसाद की ये पंक्तियाँ आज भी ज़ेहन में घर किये हुए हैं-
रो-रोकर सिसक-सिसककर कहता मैं करुण कहानी । तुम सुमन नोचते सुनते करते जानी-अनजानी ।

Maheshwari kaneri said...

सुंदर भावाभिव्यक्ति।...

udaya veer singh said...

आँसू में होती
सागर से गहरी
संवेदनाएँ
पावनता इनकी
डूबकर ही जानूँ !
कैसे लिखते हैं आप ? आत्मा से, या दिल से ,या दोनों से/ मुबारका जी /

vidhya said...

सुंदर भावाभिव्यक्ति।

Anonymous said...

Friend....very good kavita , i like this post,
ham ne link ki tour rakha hai...
nitin...Jamnagar

अनामिका की सदायें ...... said...

bheegi abhivyakti.

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

स्वतन्त्रता दिवस की शुभ कामनाएँ।

कल 16/08/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

Anil Avtaar said...

Bhavpurn rachna .. Badhai..