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Thursday, July 28, 2011

मेरी गुड़िया


11 comments:

Udan Tashtari said...

सुन्दर!!

सहज साहित्य said...

दोनों हाइगा बहुत सुन्दर और स्वाभाविक चित्रण लिये हुए हैं ।

मेरा साहित्य said...

kamal hai hardeep ji itni badi baat kahi aapne
bahut hi sunder
badhai
rachana

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') said...

वेरी क्‍यूट।

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35 किलो का मोबाइल!
चोंच में आकाश समा लेने की जिद..

Dilbag Virk said...

km shbdon men bdi baat

Bhushan said...

सुंदर हाइकु. माँ-बेटी के अहसास, गुड़िया के साथ.

डॉ टी एस दराल said...

बहुत सुन्दर ।

Rakesh Kumar said...

माँ का दिल माँ ही जानती है.
चंद शब्दों में सुन्दर भाव प्रस्तुत किये हैं आपने.
आभार.

arvind said...

बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ

Dr (Miss) Sharad Singh said...

बहुत सुन्दर एवं मर्मस्पर्शी रचना !

ऋता शेखर 'मधु' said...

माँ-बेटी के मधुर सम्बन्ध को दर्शाते हाइगा बहुत अच्छे लगे...बधाई

देख गुड़िया
याद आए बिटिया
दिल में बसी