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Thursday, August 11, 2011

सिलवटें - हाइगा


8 comments:

Udan Tashtari said...

बढ़िया लिखा
आपने ये हाईकु
आनन्द आया.

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ऋता शेखर 'मधु' said...

चित्र और शब्द एक दूसरे के लिए सार्थक हैं...
बहुत अच्छा लगा|बधाई...

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

ख़ूबसूरत प्रस्तूति...

Bhushan said...

चेहरे पर
उम्र छाई
दबी मुस्काराहट

Dr (Miss) Sharad Singh said...

उम्र के साथ चिन्ताओं का बढ़ना...बहुत सटीक रचना.

सहज साहित्य said...

जीवन की करवी और कठोर सच्चाई का मार्मिक चित्रण , फिर चित्र ने इसमें और चार चाँद लगा दिए । हरदीप ने हाइकु की आत्मा को बहुत गहराई से समझ लिया है तभी तो एक-एक शब्द दिल में उतरता चला जाता है ।

डॉ टी एस दराल said...

बहुत बढ़िया ।

ramadwivedi said...

-- डा. रमा द्विवेदी

सार्थक चित्र और सजीव शब्द ...बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति .....शुभकामनाओं सहित ...