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Thursday, August 18, 2011

नाज़ों से पली -बिटिया

1.



खुशबू बन
महके है बिटिया
घर आँगन


2.

माँ के आँगन
फूलों -जैसी बिटिया
दिव्य सर्जना


3.

जन्मी बिटिया
लगा आठों पहर
गूँजते गीत


4.


बिटिया होती
फूल- पंखरियों पे
ओस के मोती


5.

कोमल कली
परियों सी सुन्दर
नाज़ों से पली

6.


नन्ही -सी परी
वो घुँघरू की मीठी
रुनझुन- सी

7.

नन्ही मासूम
बाबुल की लाडली
प्यारी बिटिया


8.


लाडो बिटिया
होती माँ का ही अंश
चलाए वंश


9.


दो-दो कुल की
यूँ बिटिया हमारी
लाज हैं होती


10.

बिटिया मिली
माँ के चेहरे पर
मुस्कान खिली

11.


माँ के आँगन
गुड़िया पटोले से
बिटिया खेले

12.


विदा की घड़ी
द्वार भी घबराए
बिटिया चली

13.

विदा की घड़ी
कुंज बिछुड़  गई
आज डार से

14.


बाबुल घर
छोड़ आई बिटिया
प्यारी गुड़िया


15.


बाद विदाई
गुड़िया व पटोले
नीर बहाएँ

- डॉ . हरदीप कौर सन्धु 

13 comments:

Udan Tashtari said...

अच्छे हाइकु!!

udaya veer singh said...

Effective ,but effortless, .have best effort with heart,for the sake of literature, and deep feelings ,dont mind perhaps I said more .

Gulshan Dayal said...

beautiful...thanks

Gulshan Dayal said...

you are so good even in Hindi , I cannot believe it...

Dr.Bhawna said...

बिटिया मिली
माँ के चेहरे पर
मुस्कान खिली..

bahut khub ! eakdam man ki aavaj...

Dr (Miss) Sharad Singh said...

बिटिया को समर्पित पंद्रहों हायकू ने मन को छू लिया.

वन्दना said...

बहुत सुन्दर हाइकू

: केवल राम : said...

वाह यह बिटिया ....!

Bhushan said...

एक बिटिया दो कुलों को तार लेती है यह माँ से अधिक कौन जान सकता है. सुंदर हाइकु.

सहज साहित्य said...

हाइकु की पहुँच हर विषय तक है । बिटिया पर आधारित हाइकु की मधुरता इस शैली के किए बहुत आशा जगाई है ।वास्तविकता यह है कि ऐसी रचनाएँ ही हाइकु को मजबूत बनाएँगी । हरदीप जी बहुत बधाई !

Rakesh Kumar said...

अदभुत अनुपम
सुन्दर भाव संयोजन

इतनी सुन्दर प्रस्तुति
मुझमें प्रशंसा की नहीं है मति.

आभार..आभार..
बहुत बहुत आभार.

मेरे ब्लॉग पर भी चली आईयेगा.
'भक्ति'व 'शिवलिंग' को
भी समझाईयेगा.

Bhushan said...

जन लोकपाल के पहले चरण की सफलता पर बधाई.

KAHI UNKAHI said...

लाडो बिटिया
होती माँ का ही अंश
चलाए वंश

बेटी पर रचे हाइकु मन को गहरे तक छू गए...। पर इस हाइकु में आपने एक बहुत बड़ी बात कह दी...। काश ! वंश चलाने की यह बात कई माँ-बाप समझ पाते...। बहुत बधाई...।

प्रियंका