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Thursday, November 17, 2011

हाइबन - कुछ तो लोग कहेंगे

हाइबन जापानी भाषा के शब्द ‘हाइबन ‘ का अर्थ है - काव्य- गद्य |
हाइबन गद्य और कविता का जोड़ है|  यह शैली 1690 में बाशो ने अपने सफरनामे/ डायरी के रूप में अपने मित्र को एक खत ‘भूतों वाली झोंपड़ी’ लिखकर शुरू की थी ।इस खत के अंत में एक हाइकु लिखा गया था|
हाइबन का गद्य भी हाइकु जैसे जो हो रहा है उसका वर्णन प्रतिबिम्ब से सूक्ष्म होता है
हाइबन में 1०० से लेकर 2००-3०० शब्द हो सकते हैं|
लम्बे हाइबन में तीन - चार हाइकु गद्य के भाव को और स्पष्ट करते हुए हो सकते हैं

                                                     कुछ तो लोग कहेंगे
आप चाहे कोई भी काम करें - अच्छा या बुरा , लोगों ने कोई न कोई टिप्पणी तो देनी ही होती है , क्योंकि हमारे यहाँ ये बीमारी आम ही पाई जाती है ....

बिन चुगली
पेट नहीं भरता
यहाँ किसी का

ठीक ऐसे ही जब कोई एक नई कार लेकर आया तो अपने दोस्त को दिखाने लगा । दोस्त बोला , “यार अगर तू नीले रंग की जगह लाल रंग की कार लेता तो ज्यादा अच्छा होता।” उस भले बंदे से दो बोल तारीफ के नहीं बोले गए
 
हम में ज्यादा
कह नहीं सकते
अच्छे को अच्छा
 
इसी तरह अपनी एक सहेली का नया घर देखने आई उसकी सहेली बोली,”ऊँह ...हमारे मकान जितना बड़ा तो नहीं है ये।” भई भलिए ...तुझे किसी ने पूछा है कि तेरा मकान कितना बड़ा है ? दूसरे के काम में त्रुटि निकालने में हर कोई बहुत माहिर है लेकिन ......
 
क्या पड़ा हुआ
अपनी खाट नीचे
कौन झाँकता ?
 
हरदीप

9 comments:

सहज साहित्य said...

हाइबन की हिन्दी में आपने अच्छी शुरुआत की है । बहुत बधाई । भारी -भरकम चिन्तन के स्थान पर दैनिक जीवन की बातें जो ज़रूरी भी हैं , आपने सहज भाव से बता दी हैं । मेरी हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिएगा।

Udan Tashtari said...

एक और नई जानकारी...उम्दा!!

हम में ज्यादा
कह नहीं सकते
अच्छे को अच्छा

Deepak Shukla said...

Hi..

Haiku aur gadya ke mishran se, haiban hai bana..
Aaj yah jaana hai humne, ab talak tha na suna..

Dr. Hardeep Sandhu, rah rahi videsh main..
Hain wo hindi se samarpit, hon paraye desh main..

Shabdon ka lekar ujala, kavita hain gadhti sada..
Aisi shaili main hain likhti, jo kabhi bhi na padha..

Haiku jana yahiin par, aur ab hai hayiban..
Nit naye prayog kavita main, ramate sabka man..

Aap yun hi roj aakar, jaankari ko badhayen..
Hum kuen ke medhkon ko, vishv se parichay karayen..

Aapka hruday se dhanyavad..

Deepak Shukla..

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

हायिबन के विषय में नयी जानकारी मिली .. अच्छी प्रस्तुति

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

कल 18/11/2011को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

kshama said...

Bahut badhiya!

Prakash Jain said...

Wah! naya sikhne aur jaanane ko mil gaya...Dhanyavad

www.poeticprakash.com

अनुपमा पाठक said...

हाइबन के विषय में जानना और पढ़ना अच्छा लगा!

मनीष सिंह निराला said...

अच्छी जानकारी और साथ में कुछ सच बातें भी ...
बधाई हो !
मेरे ब्लॉग पे आपका हार्दिक स्वागत है...